विश्व की प्राचीनतम एवं व्यवस्थित सभ्यता के सदस्य होने के कारण हम संस्कृति तथा मानव मूल्यों को गहराई से समझते हैं | आपके सहयोग से हम प्रयास करते हैं उन वैज्ञानिक परम्पराओं तथा मान्यताओं को संरक्षित करने का, जिनके कारण भारत विश्वगुरु था |,,,

हमारे मार्गदर्शक


आपके साथ हम कटिबद्ध हैं, पर्यावरण की रक्षा एवं विकास के लिए | अपने पूर्वजों के द्वारा संरक्षित इस पृथ्वी को हम आपके सहयोग से एक और भी उन्नत जीवनधारी ग्रह के रूप में विकसित करने हेतु कटिबद्ध तथा प्रयासरत हैं | हमें इस बात की प्रसन्नता है कि आप जैसे लोग हमें सहयोग करते हैं …


भय, हिंसा, उन्माद एवं स्वार्थ के इस अन्धकाल में हम मानव जाति के समक्ष एक विशुद्ध सनातनी विचारधारा का प्रसार एवं पुनर्स्थापन करके यह सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध हैं कि मानवीय सभ्यता त्याग एवं परोपकार को अपनाकर सर्वहितप्रद सिद्ध हो सके …

हमारे सहयोगी

हम इस बात पर विश्वास करते हैं कि दया और परोपकार के साथ साथ आवश्यकता है अधर्म और पाप के विनाश की | अतः हम धर्म की रक्षा और अन्याय का विनाश करने के हर प्राकृतिक और न्यायसंगत तरीके का समर्थन एवं संवर्धन करते हैं …हमारा मुख्य उद्देश्य है विश्व का ध्यान आकृष्ट करना, उस सनातनी व्यवस्था की ओर जिसे हमारे महान पूर्वजों ने ईश्वर की कृपा और ऋषियों की त्यागपूर्ण तपस्या के फलस्वरूप चार वर्ण तथा आश्रम में विभाजित करके हमें एक व्यवस्थित तथा गौरवपूर्ण समाज का अभिन्न अंग बनाकर ज्ञान तथा विज्ञान से लाभान्वित किया…

हमारे साथ अधिक सक्रिय रहें

हम आपके जीवन में ज्ञान और मानवता के महत्त्व को समझते हैं, अतः हमारे दल के अनुभवी एवं विद्वान् सदस्य सदैव आपकी सहायता के लिए तत्पर रहते हैं | आमतौर पर कार्यभार से हमारी व्यस्तता बढ़ जाती है लेकिन इससे आपको चिंतित होने की आवश्यकता नहीं क्योंकि ऐसी स्थिति में हम स्वयं आपसे शीघ्र ही संपर्क करने का प्रयास करते हैं | हो सकता है कि हमें आपसे संपर्क करने में कुछ विलम्ब हो जाए लेकिन आपका धैर्य ही आपकी उर्जा है, अतः निराश न हों |

हमें ईश्वर पर विश्वास है क्योंकि उन्होंने हम पर विश्वास किया है : महामहिम श्रीभागवतानंद गुरु


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